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सुन्दरकाण्ड · सर्ग 36
एक मुद्रिका, एक आशा
अशोक वाटिका में विश्वास दबाव से नहीं, पहचान से बनता है।
- आशा
- विश्वास
- सेवा
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09 / 10सुन्दरकाण्ड
पढ़ने से पहले
यह पुनर्कथन क्या करता है
सीता और हनुमान की सावधान भेंट, जहाँ एक छोटी वस्तु पहचान स्थापित कर संदेश पहुँचाती है।
सीता की सावधानी और निर्णय-क्षमता को केंद्र में रखने वाला मौलिक पुनर्कथन। लिंक किए संस्कृत/अनुवाद की नकल नहीं और पूरी भेंट को केवल एक प्रमाण-वस्तु तक सीमित नहीं किया गया।
कथा मानचित्र
तीन स्थिर दृश्य
- 01सावधान भेंट
- 02मुद्रिका
- 03संदेश को लौटना है