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पात्र परिचय

मैनाक

अन्य नाम: मैनाक पर्वत

वह पर्वत जो समुद्र से उठकर हनुमान को यात्रा के बीच विश्राम देता है। यह भेंट कृतज्ञता और तात्कालिकता—दोनों को साथ रखती है।

इस पुस्तकालय में

प्रसंग, कोई क्रम नहीं।

यह पृष्ठ बताता है कि यह पात्र इस वाल्मीकि रामायण संग्रह में कैसे आता है। अन्य सनातन परंपराएँ पात्र को अलग तरह से कह, नाम या समझ सकती हैं।

स्रोत प्रसंग: Sundara Kanda 5.1

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