पात्र परिचय
भरत
अन्य नाम: कैकेयी-पुत्र
राम के भाई, जो सिंहासन पर आसान दावा अस्वीकार कर राम की अनुपस्थिति में शासन का भार सँभालते हैं।

इस पुस्तकालय में
प्रसंग, कोई क्रम नहीं।
यह पृष्ठ बताता है कि यह पात्र इस वाल्मीकि रामायण संग्रह में कैसे आता है। अन्य सनातन परंपराएँ पात्र को अलग तरह से कह, नाम या समझ सकती हैं।
स्रोत प्रसंग: Ayodhya Kanda 2.98–112; Yuddha Kanda 6.128